
जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान: ‘अस्पतालों की तरह चौबीसों घंटे काम करे हमारी न्यायिक प्रणाली’
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने न्याय व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया है। उन्होंने कहा कि देश की न्यायिक प्रणाली को उन अस्पतालों की तर्ज पर काम करने की आवश्यकता है, जो बिना रुके चौबीसों घंटे जनता की सेवा के लिए खुले रहते हैं।
आम जनता को समय पर न्याय मिलना सबसे जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय पाना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है और इसमें किसी भी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए। जिस तरह आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं हर वक्त उपलब्ध रहती हैं, ठीक उसी तरह कानूनी मदद और न्याय के दरवाजे भी पीड़ितों के लिए हमेशा तत्पर रहने चाहिए ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।
- आयोजक: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court)।
- मुख्य वक्ता: सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश, जस्टिस सूर्यकांत।
- मुख्य संदेश: अदालतों और न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुलभ व निरंतर बनाने पर जोर।
न्यायिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा विज़न
इस दौरान कानूनी विशेषज्ञों और न्यायाधीशों की उपस्थिति में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और अदालतों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। जस्टिस सूर्यकांत का यह बयान भविष्य में होने वाले न्यायिक सुधारों और अदालतों की कार्यप्रणाली को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा मार्गदर्शक साबित हो सकता है।


